Dayavan Kumawat
Thursday, 29 November 2018
Saturday, 24 August 2013
अधिकाँश चैनल ईसाई
मिशनरी द्वारा पोषित है ...अरबो रूपये
फूंककर ईसाई संस्थाए ''हिन्दुओ ''
को धर्मान्तरित करती है ....और संत
श्री आसाराम जी बापू जैसे संत उन
धर्मान्तरित हिन्दुओ को सनातन धर्म
की महिमा बताकर उन हिन्दुओ को वापस
अपने धर्म में लाकर उन ईसाइयों के कुचक्र
पर पानी फेर देते है ..तो इन
ईसाइयों की बोटियो पर पोषित
मीडिया को अपने मालिक आज्ञा के अनुसार
हिन्दू संतो को बदनाम करने के लिए कोई
कसर बाकी रखेगी क्या ? ये
तो धर्मान्तरण में बाधा बनने वाले हिन्दू
संतो की ह्त्या तक कर देते है , जैसे
स्वामी लक्ष्मणानंद
जी की ह्त्या की गई ..और भी अनेक संत ऐसे
ही मारे जा रहे है ..मीडिया में इन
खबरों को जगह क्यों मिलेगी ? ये ईसाई
संगठन इसलिए धर्मनान्तरण
करवा रही है , ताकि सोनिया के नाम पर
''कांग्रेसी '' वोट बैंक बढ़
जाय ..क्योकि ईसाई लोग सोनिया के नाम
पर कांग्रेस का पक्का वोट बैंक है ..ये है
भारत को सदा के लिए गुलाम बनाने
का षडयंत्र , जिसे समाप्त करने
का बीड़ा संत श्री आसाराम जी बापू जैसे
संत उठाते है ..जिन्हें उन्हें सेवाकार्य
को जानना है , एक बार उनके आश्रम
द्वारा संचालित
सेवाकार्यो की जानकारी प्राप्त कर ले ,
तो स्वतः ही आपको सच समझ में
आएगा ......लेकिन कुछ मुर्ख हिन्दू भी कम
नहीं है , जो इन मीडिया की मनगढ़ंत और
बिना सबूत की बातो को सच मानकर अपने
ही धर्म के पोषक और रक्षक संतो पर आक्षेप
उठाते रहते है ..वैसे भी आज तक
किसी भी श्रेष्ठ संत का उनकी हयाती में
कितना अपमान समाज के द्वारा हुआ है , ये
तो आप सभी जानते है , चाहे वे संत कबीर
हो , स्वामी विवेकानंद हो , संत ज्ञानेश्वर
हो या संत तुकाराम हो .....सभी संत
महापुरुषों ने जितना इस समाज के लिए
अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया , समाज ने
उन्हें ''निंदा का जहर'' ही पिलाया है ..बस
कुछ पुण्यात्मा होते है ,
जो उनकी महापुरुषों की महिमा समझकर
अपना उध्दार कर लेते है ....'''आग
लगी आकाश में झर झर बहे अंगार , संत न
होते जगत में , तो जल मरता संसार ''''......
मिशनरी द्वारा पोषित है ...अरबो रूपये
फूंककर ईसाई संस्थाए ''हिन्दुओ ''
को धर्मान्तरित करती है ....और संत
श्री आसाराम जी बापू जैसे संत उन
धर्मान्तरित हिन्दुओ को सनातन धर्म
की महिमा बताकर उन हिन्दुओ को वापस
अपने धर्म में लाकर उन ईसाइयों के कुचक्र
पर पानी फेर देते है ..तो इन
ईसाइयों की बोटियो पर पोषित
मीडिया को अपने मालिक आज्ञा के अनुसार
हिन्दू संतो को बदनाम करने के लिए कोई
कसर बाकी रखेगी क्या ? ये
तो धर्मान्तरण में बाधा बनने वाले हिन्दू
संतो की ह्त्या तक कर देते है , जैसे
स्वामी लक्ष्मणानंद
जी की ह्त्या की गई ..और भी अनेक संत ऐसे
ही मारे जा रहे है ..मीडिया में इन
खबरों को जगह क्यों मिलेगी ? ये ईसाई
संगठन इसलिए धर्मनान्तरण
करवा रही है , ताकि सोनिया के नाम पर
''कांग्रेसी '' वोट बैंक बढ़
जाय ..क्योकि ईसाई लोग सोनिया के नाम
पर कांग्रेस का पक्का वोट बैंक है ..ये है
भारत को सदा के लिए गुलाम बनाने
का षडयंत्र , जिसे समाप्त करने
का बीड़ा संत श्री आसाराम जी बापू जैसे
संत उठाते है ..जिन्हें उन्हें सेवाकार्य
को जानना है , एक बार उनके आश्रम
द्वारा संचालित
सेवाकार्यो की जानकारी प्राप्त कर ले ,
तो स्वतः ही आपको सच समझ में
आएगा ......लेकिन कुछ मुर्ख हिन्दू भी कम
नहीं है , जो इन मीडिया की मनगढ़ंत और
बिना सबूत की बातो को सच मानकर अपने
ही धर्म के पोषक और रक्षक संतो पर आक्षेप
उठाते रहते है ..वैसे भी आज तक
किसी भी श्रेष्ठ संत का उनकी हयाती में
कितना अपमान समाज के द्वारा हुआ है , ये
तो आप सभी जानते है , चाहे वे संत कबीर
हो , स्वामी विवेकानंद हो , संत ज्ञानेश्वर
हो या संत तुकाराम हो .....सभी संत
महापुरुषों ने जितना इस समाज के लिए
अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया , समाज ने
उन्हें ''निंदा का जहर'' ही पिलाया है ..बस
कुछ पुण्यात्मा होते है ,
जो उनकी महापुरुषों की महिमा समझकर
अपना उध्दार कर लेते है ....'''आग
लगी आकाश में झर झर बहे अंगार , संत न
होते जगत में , तो जल मरता संसार ''''......
Subscribe to:
Posts (Atom)